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हमारा विज़न, हमारा मिशन

हमारा विज़न, हमारा मिशन

अल्मोड़ा में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस विद्यालय की शुरुआत वर्ष 2005 में जीवनधाम नामक स्थान पर हुई थी। शुरुआती वर्षों में यह विद्यालय विवेकानंद इंटर कॉलेज के साथ ही संचालित होता था और इसकी व्यवस्थाएं सीमित थीं।  वर्ष 2008 में विद्यालय को एक स्वतंत्र पहचान मिली और पृथक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत श्रीमती मुन्नी खड़ायत को इसकी पहली प्रधानाचार्या नियुक्त किया गया। सतत प्रयासों के बाद 2011 में जूनियर हाईस्कूल और 2014 में हाईस्कूल की मान्यता प्राप्त हुई। इसके बाद 2018 में विद्यालय को इंटरमीडिएट (विज्ञान वर्ग) की भी मान्यता मिल गई।  साधारण शुरुआत से लेकर आज यह विद्यालय अपनी निजी बहुमंजिला इमारत, आधुनिक प्रयोगशालाओं और बोर्ड परीक्षाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ क्षेत्र का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान बन चुका है।


विवेकानंद बालिका इण्टर कॉलेज, अल्मोड़ा उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का एक प्रमुख और प्रतिष्ठित बालिका शिक्षण संस्थान है। यह विद्यालय स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों से प्रेरित होकर बालिकाओं को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था।


प्रमुख विशेषताएं:


शिक्षा एवं अनुशासन: विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक (उत्तराखंड बोर्ड) गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है। यहाँ शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर विशेष बल दिया जाता है।


सांस्कृतिक एवं सर्वांगीण विकास: पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद, एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) और विभिन्न प्रतियोगितात्मक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है।


संस्कृति और संस्कार: स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन का पालन करते हुए, यह संस्थान छात्राओं में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की भावना विकसित करता है।


अल्मोड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में बसा यह विद्यालय क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षित और सक्षम बनाकर समाज व देश के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।



शिक्षित नारी ,सशक्त राष्ट्र, स्त्री ही राष्ट्र की आधार शिला हैं| वह व्यक्ति के रूप में परिवार की, परिवार के रूप में समाज की, समाज के रूप में राष्ट्र की चेतना बनती हैं|

आइये नारियों का सम्मान करते हुए, उन्हे उचित शिक्षा एवं संस्कारों से ओत-प्रोत करें| हमारा लक्ष्य बालिकाओं का सर्वांगीर्ण विकास करना हैं|   

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