सन् 2005 में अल्मोड़ा में जीवनधाम नामक स्थान पर बालिका शिक्षा हेतु विद्यालय प्रारंभ किया गया। प्रारंभ में यह विद्यालय विवेकानंद इंटर कॉलेज के साथ चलता था, श्री मोहन सिंह रावल विद्यालय के प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत थे। 2008 में विद्यालय की अलग व्यवस्था कर श्रीमती मुन्नी खड़ायत को प्रधानाचार्या के रूप में नियुक्त किया गया। श्रीमती अमिता जीना प्रथम अध्यक्ष, श्रीमती लता बोरा प्रथम व्यवस्थापक एवं ममता डालाकोटी को प्रथम कोषाध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया। सन् 2011 में जूनियर स्तर की मान्यता मिली। तब विद्यालय पटाल की छत एवं खपरैल आदि से बना हुआ था।
7 जुलाई सन् 2013 में श्रीमती गोदवरी चतुर्वेदी जी ने प्रधानाचार्या के रूप में पदभार ग्रहण किया उनके नेतृत्व में विद्यालय प्रगति की ओर अग्रसर है। सन् 2014 में विद्यालय को राज्य सरकार द्वारा हाईस्कूल की मान्यता मिली, 2015 में एन०सी०सी० एवं स्काउट गाइड की मान्यता मिली, 2018 में इंटरमीडिएट की मान्यता विज्ञान वर्ग की प्राप्त हुई, वर्तमान में विद्यालय का अपना निजी तीन मंजिल का छत वाला भवन है। विज्ञान वर्ग के साथ-साथ वाणिज्य वर्ग एवं कला वर्ग के विषयों का भी संचालन किया जाता है।
विवेकानंद बालिका विद्या मंदिर जीवनधाम अल्मोड़ा के विद्यालय में छात्रा-बहनें कक्षा षष्ठ से द्वादश तक अध्ययनरत हैं। विद्यालय का अपना निजी संसाधन युक्त भवन है। जिसमें सुसज्जित कक्षा-कक्ष, कंप्यूटर लैब, स्मार्टबोर्ड, विज्ञान लैब, भूगोल लैब आदि हैं। शिक्षा के साथ-साथ बालिकाएं घोष, योग, कराटे, ताइक्वांडो, मल्लखंभ, जूडो, एथलेटिक्स आदि खेलों में आगे बढ़ रही हैं। सन् 2013 से वर्तमान 2025 अब तक हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में क्रमशः तृतीय से लेकर पच्चीसवें स्थान तक 97 बालिकाओं ने प्रदेश की (मेरिट) वरीयता सूची में अपना स्थान बनाया है।