विद्या भारती के विद्यालयों में शपथ ग्रहण समारोह (छात्र संसद का गठन) एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण और गरिमामय कार्यक्रम होता है। इसका मुख्य उद्देश्य भैया-बहिनों में नेतृत्व क्षमता, दायित्वबोध और नैतिक मूल्यों का विकास करना है।इस अवसर पर नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों (जैसे सेनापति, अनुशासन प्रमुख, एवं विभिन्न विभागों के प्रमुखों) को उनके पदों की निष्ठापूर्वक शपथ दिलाई जाती है। छात्र यह संकल्प लेते हैं कि वे अनुशासन का पालन करते हुए विद्यालय की गरिमा को बनाए रखेंगे और अपने कर्तव्यों का सच्चे मन से निर्वहन करेंगे।यह आयोजन छात्रों को भावी नागरिक के रूप में गढ़ने, उनमें सेवा भावना जगाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से अवगत कराने की एक दिशा में एक सराहनीय कदम है।